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गुरुवार, 16 जुलाई 2009

मेरा वतन


कश्मीर से कन्याकुमारी को पहचान ले
बंगाल से गुजरात की ताकत जान ले
अपना कर्तव्य अब हम समझ ले
कमजोर नहीं हम दुश्मन अब जान ले

अहिंसा के पुजारी बसते है यहाँ
वीर सेनानी जन्म लेते है यहाँ
अतिथि का आदर करते है यहाँ
दुश्मनों को सबक सिखाते है यहाँ

आंतक यहाँ कोई न फ़ैलाने पाये
बुरी नज़र ना कोई लगने पाये
राजनीति ना हम को बांट पाये
आओ देशहित में हम साथ हो -जाये
-प्रतिबिम्ब बडथ्वाल्
( पहले की एक रचना)
प्र्

2 टिप्‍पणियां:

  1. अहिंसा के पुजारी बसते है यहाँ
    वीर सेनानी जन्म लेते है यहाँ
    अतिथि का आदर करते है यहाँ
    दुश्मनों को सबक सिखाते है यहाँ

    वाह प्रतिबिम्ब जी ...देश के प्रति इस ज़ज्बे को नमन है
    बहुत खूब !!

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