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मंगलवार, 22 मार्च 2011

23 मार्च - एक भूली तारीख




शहीदो पर आज हर तरफ सियासत भारी है
इन्हे आंतकवादी घोषित करने की तैयारी है
आज़ादी के नाम पर जिन्होने जान गंवाई है
भूल चले है सब इनको, ये कैसी बीमारी है

नेहरू, गांधी बस नाम लोगो को बताया है
देश पर केवल इनका हक है, ये जताया है
कुर्बान हुये देश पर जो उन्हे आज भुलाया है
इंदिरा राजीव के नाम को बस अमर बनाया है

क्रांति का बो बीज आज़ाद हमे कर गये
दे शहादत धरती की गोद मे वो सो गये
करते हैं नमन जो देश पर शहीद हो गये
खुद विदा हो अपनी साँसे जो हमे दे गये

राजनीति छोड़ उचित स्थान दे अपने देशभक्तो को
करे नमन हम भगत सिंह,सुखदेव और राजगुरु को
नमन उस माँ को जिसने जन्म दिया इन वीरो को
एक दिन नहीयाद रखे सदा माँ के इन सपूतो को 

- प्रतिबिंब बड्थ्वाल, अबु धाबी, यूएई   

6 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत प्रेरक और यथार्थपरक अभिव्यक्ति..बहुत शर्म की बात है कि हम अपने शहीदों को भूलते जा रहे हैं..

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  2. आज़ादी के दीवानों को नमन ...शहीद भगत सिंह,सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजली के साथ नमन ...इन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता

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  3. शहीदो पर आज हर तरफ सियासत भारी है
    इन्हे आंतकवादी घोषित करने की तैयारी है
    आज़ादी के नाम पर जिन्होने जान गंवाई है
    भूल चले है सब इनको, ये कैसी बीमारी है
    आज के हालातों को आपने बखूबी अभिव्यक्त किया है ..यह हमारे लिए शर्म की बात है

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  4. सार्थक अभिव्यक्ति..... प्रासंगिक विचार

    नमन इन वीर देशभक्तों को....

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  5. bahut sundar rachnaa...आपकी रचना सामयिक और प्रासंगिक है... सत् सत् नमन शहीदे आज़म भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव

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  6. करे नमन हम भगत सिंह,सुखदेव और राजगुरु को
    नमन उस माँ को जिसने जन्म दिया इन वीरो को

    सत् सत् नमन

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