जीत ना मिले चाहे, हौसला बरकरार रहे
प्यार ना मिले चाहे, ज़ज़्बा बरकरार रहे
राह चाहे आसान ना हो, कदम बढते रहे
अंधेरा बेसक राह छिपाये, चिराग जलते रहे
नसीब चाहे साथ ना दे, लकीरे बनती रहे
गुम हुई अगर सदाये, आवाज़ लगती रहे
जिंदगी चाहे मुंह मोड ले, जंग चलती रहे
खुशिया चाहे ना मिले, महफिल सजती रहे
प्रश्न कठिन है जिंदगी के, उतर देते रहे
फल चाहे ना मिले अभी, कर्म करते रहे
फूल चाहे मुरझा जाये, महक बिखरती रहे
खुदा को ना देखा हमने, तलाश चलती रहे
इस दुनिया में आये है तो जिंदगी जीना है
जीने का मज़ा मुस्कराहट और हौसला है
हौसला है तो राहे है, राहे है तो मंजिल है
तेरे हौसले में 'प्रतिबिम्ब' की दुआ शामिल है।
- प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल







