पागल कहती है ये दुनिया
बूझे ना कोई मेरी बतिया
काटे नही कटती ये रतियाँ
बस जमाना बढाये दूरियाँ
पागल कहती है मुझे ये दुनिया
दिल मे बसे मेरे कुछ सपने
चाहू बस कुछ दिल से अपने
रट लगाये तो लोग लगे कहने
पागल है ये और इसके सपने
पागल कहते है मुझे मेरे अपने
टूट कर चाहना भी पागलपन मेरा
इसमे लुट जाना भी पागलपन मेरा
भरोसा किया, था पागलपन मेरा
अहसास जताया,था पागलपन मेरा
ले डूबा मुझे ये पागलपन मेरा
दोस्त समझा, था पागलपन मेरा
अपना समझा, था पागलपन मेरा
समझाना अपनो को, था पागलपन मेरा
जगाना सबको चाहा, था पागलपन मेरा
आप को अपना बनाया, था पागलपन मेरा
आज मेरा सीधापन बन गया मेरा पागलपन
आज मेरा स्नेह बन गया मेरा पागलपन
आज मेरा कुछ कहना बन गया मेरा पागलपन
आज मेरा अनुभव बन गया मेरा पागलपन
फिर भी सबसे अलग है मेरा पागलपन
- प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल, अबु धाबी, यूएई





