अगर राहुल जी से आज सच बोलने को कहा जाये और वे आंखे बंद करके
सच कहने का फैसला करें तो कुछ इस तरह सच सामने आएगा - एक चिंतन
कांग्रेसियों का दुलारा, हूँ सोनिया माँ का लाल
जो मिल रहा, ये तो है गांधी के नाम का कमाल
मैं युवराज ‘गांधी’ हूँ, राहुल ‘बाबा’ कहलाता हूँ
सब आगे पीछे घूमे, येसे जतन मैं अब करता हूँ
कांग्रेसी नेता मुझे धकेल रहे है, अब थोड़ा दिखने लगा हूँ
माँ का साथ मुझे मिलने लगा,अब कलावती ढूढ़ने लगा हूँ
मीडिया को फुसला कर गरीबो संग फोटो खिंचाने लगा हूँ
पारसौल में आवाज उठा,देखो मैं अब राजनीति करने लगा हूँ
जहां फाइदा अपना हो उसको अब मैं समझने लगा हूँ
रण नीति कांग्रेस की अपने नेताओ से सीखने लगा हूँ
राजनीति पर हमारा जन्म से अधिकार है
इसलिए तो आज भी भारत मे सरकार है
नेहरू - इन्दिरा की विरासत को अब तक संभाले है
राजीव - संजय की वसीयत के बस हम रखवाले हैं
हमारे नाम के बिना कांग्रेस का एक पत्ता हिलता नही
प्रधानमंत्री हो या नेता, कोई एक कदम भी चलता नही
ये इसलिए नही कि हम लोग कुछ काम के है
बल्कि सब यहाँ तो चाटुकार हमारे नाम के है
शहीद हमने अपनी नानी और पापा को बनवाया है
तब और अब हमने कांग्रेस का अस्तित्व बचाया है
गलतियाँ उन्होने की उसका खुद नतीजा पाया था
उनकी निर्मम हत्या को तब खूब हमने भुनाया था
गरीबी का नारा देकर जनता को हर पल लूटा है
अल्प्सख्यकों के भाव को भुना कर चुनाव जीता है
माँ ने त्यागा था तब पद, क्योंकि जन्म नही था भारत का
साकार हुआ लक्ष्य हमारा, उन्हे त्याग की मूर्त बनाने का
लेकिन अब तो हमे जनता से ख़ासी शिकायत है
पता नही क्यो हमारे चुंगल से निकलती जाती है
अपने कुछ नेताओ को ,अब हमने ये हिदायत दे दी है
कड़वा बोलो उसे, जिसने कहने की कुछ हिमाकत की है
भ्रष्टाचार को भूले जाएँ सब, बात करो येसे हालत की
याद दिलाओ तुम सबको जाकर अब आपातकाल की
कर्मो का हिसाब मांगे तो घोलो ज़हर सांप्रदायिकता का
अगर कसर रह जाये कोई तो याद दिलाओ गुजरात की
हमारे अब खिलाफ जो बोले उसे भगवा रंग मे जोत दो
बस गांधी नाम उनको रटवा दो, कहो बस हमको वोट दो
उम्मीद है इस जनता को फिर से हम बेवकूफ बना पायेंगे
माँ बेटे कुछ ना कर पाये तो अगली बार बहना को लायेंगे
वह आयेगी जब तो जनता भी देख उसे फिर खुश हो जायेगी
हम गर ना कर पाये लेकिन वो जनता के भावो से खेल जायेगी
- प्रतिबिम्ब बड्थ्वाल